भगवान
बिरसा मुंडा
का एक
संक्षिप्त परिचय 

आइये जानते हैं

भगवान बिरसा मुंडा
झारखण्ड के धरती आबा 

भगवान बिरसा मुंडा झारखण्ड के सबसे नामचीन स्वतंत्रता सेनानियों में से एक हैं ।  इनका जन्म खूंटी के उलीहातू गाँव में 15 नवंबर 1875 को हुआ था । 

धरती आबा बिरसा मुंडा
1875

भगवान बिरसा मुंडा का जन्म 15 नवंबर 1875 को खूंटी जिले के उलीहातू गाँव में हुआ था । पिता का नाम सुगना मुंडा और माता का नाम करमी देवी था । 

बिरसा मुंडा धरती आबा 
1890

भगवान बिरसा मुंडा ने 1890 में धार्मिक कार्यों में रुचि के कारण चाईबासा छोड़ दिया था । क्योंकि उनको आध्यात्मिक शक्ति का अनुभव हुआ था। 

बिरसा मुंडा धरती आबा 
1895

भगवान बिरसा मुंडा ने 1890 में उलगुलान का बिगुल फूँक कर आंदोलन का आरंभ कर दिए थे जिसके कारण उनको पहली बार गिरफ्तार किया गया था । 

बिरसा मुंडा धरती आबा 
1897

भगवान बिरसा मुंडा ने 1897 में हजारीबाग जेल से रिहा किया गया था । क्योंकि गिरफ़्तारी के बाद वहाँ भेज दिया गया था ।   

बिरसा मुंडा धरती आबा 
1899

भगवान बिरसा मुंडा ने 1899 में रिहा होने के बाद फिर से मुंडाओं को एकजुट कर फिर से उलगुलान शुरू कर दिया ।   

बिरसा मुंडा धरती आबा 
1900

भगवान बिरसा मुंडा ने 1900 में सइल रकब पहाड़ी पर उनके अनुनायीयों पर पुलिस द्वारा गोलीबारी किया गया था । सरकार द्वारा उनके ऊपर 500 रु का इनाम रखा गया था।   

बिरसा मुंडा धरती आबा
1900

भगवान बिरसा मुंडा ने 1900 में 5 फरवरी में गिरफ्तार कर लिया गया था और राँची जेल भेज दिया गया था ।   

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